रविवार, 12 दिसंबर 2010

"ईश्वर नही है"

ईश्वर नही है,
ऐसा लगता है जब,
मिलते हैं नवजात शिशु,
कूड़े के ढ़ेर में,
दिखते हैं अबोध बच्चे,
भूखे प्यासे भीख मांगते हुए,
और देखता हूं जब,
कच्चे परिवारों से,
बाप का साया उठते हुए,
खबर छपती है जब,
जवान बच्चों की मौत की,
कैसे ईश्वर दर्शक बन सकता है,
मासूम बच्चियों के बलात्कार का,
ईश्वर बिलकुल ही नही है मानो,
जब मूक पशु,पक्षी होते हैं ,
शिकार मनुष्य की हिंसा के,
प्रार्थना है उस ईश्वर से,
दे सबूत अपने होने का,
मॄत्यु हो सभी की,
पर समय से,
ना हो कोई अनाथ,
ना हो कोई बेचारगी,
प्रकॄति का कार्य,
लगे प्राकॄतिक ही,
अ-समय या कु-समय,
ना हो कोई घटना,
मंदिर/मस्जिद में फ़टे बम कभी,
तो विध्वंस हो भले ही खूब,
पर अंत ना हो एक भी जीवन का।

11 टिप्‍पणियां:

  1. दर्द का मार्मिक चित्रण्……………बेहद संवेदनशील रचना।
    आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (13/12/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा।
    http://charchamanch.uchcharan.com

    उत्तर देंहटाएं
  2. झकझोर दिया आपने ...इश्वर को प्रमाण देना होगा अपने होने का

    उत्तर देंहटाएं
  3. bahut kathore rachnaa. shaheed-e-aazam bhagat singh ke lekh "main naastik kyon hoon" kee yaad dilaa dee aapane.

    उत्तर देंहटाएं
  4. इश्वर तो प्रमाण देंगे ही...

    हमें भी इंसान होने का प्रमाण देना होगा!!! इंसानियत की वीरान होती राह को आबाद करना होगा !!!

    शुभकामनाएं!

    उत्तर देंहटाएं
  5. Sundar ati sundar.Bahut sundar likhte ho bhai.Yeh sab itna man ko vichalit karta hai.

    Though I am not convinced to basic idea when we keep on asking the evidence of God's existance.

    उत्तर देंहटाएं
  6. आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया। मैने कभी ईश्वर के अस्तित्व को ना तो नकारा है, ना ही चैलेंज करने का दुस्साहस कर सकता हूं। वास्तव में आप जिससे मदद की उम्मीद करते हैं,उसी की ही शिकायत करने का भी औचित्य बनता है।बस इतनी सी बात है।

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत ही खुबसुरत रचना.......मेरा ब्लाग"काव्य कल्पना"at http://satyamshivam95.blogspot.com/ साथ ही मेरी कविताएँ हर सोमवार और शुक्रवार "हिन्दी साहित्य मंच" पर प्रकाशित....आप आये और मेरा मार्गदर्शन करे....धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  8. ईश्वर लगता है छठवें पे कमीशन की सुविधायें अभी तक मिल न पाने की वजह से भन्नाया हुआ है। :)

    उत्तर देंहटाएं
  9. "प्रार्थना है उस ईश्वर से,
    दे सबूत अपने होने का,"
    बस यही कहा जा सकता है...
    लेकिन किससे ??
    सुनने वाला ही नदारत है !!

    उत्तर देंहटाएं
  10. ईश्वर भी क्या करे भला , वह स्वयं दुखी हो रहा होगा ऐसे इंसानों को बना कर !
    ईश्वर हमारी दुआएं कुबूल करे !

    उत्तर देंहटाएं