मंगलवार, 7 अप्रैल 2026

चौकोर चाँद

चाँद गोल न होकर चौकोर या तिकोना होता तब  शायद इतना ज्यादा खूबसूरत नही होता।

दरअसल गोल चीज़ का कोई सिरा नही होता तो किसी सिरे या छोर के अभाव में उसका बे अनुपात होना पता नही चलता। तिकोना अथवा चौकोर होने की स्थिति में  उस आकृति का किसी एक रिफरेन्स पॉइंट के सापेक्ष सिमेट्रिकल न होना उसे बदसूरत बना देता है।

रेफरेन्स पॉइंट न हो तो सारी बातें / चीज़ें / आकृतियां अच्छी एवम सुंदर  लगती हैं। बुराई तो सापेक्षवाद में दिखती है। 

"निरपेक्ष दृष्टि से कुछ भी बुरा अथवा कुरूप नही होता।"

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