साथ चलते चलते अक्सर किसी मोड़ पर ही लोग साथ छोड़ते हैं। मोड़ पर पीछे मुड़ कर देखने पर वह दिखता जो नही है। सीधे रास्तों पर अलग हुए तो बहुत दूर तलक तक वो दिखता रहता है और फिर मुंह मोड़ना आसान नही होता है शायद।
राहें बदलनी हो, बस मोड़ आने दो,
मुड़ कर न देखो, उन्हें बस दूर जाने दो।
#मोड़ज़िन्दगीके

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