शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

पुल

 पुल इतना सहज हो कि 

सड़क सा लगने लगे तब नदी हाशिये पर चली जाती है।


"मोहब्बत जब इतनी सादगी से हो कि 

विसाले यार की तलब न हो तब दुनिया हाशिये पर चली जाती है।"

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