आज एक पौधा देखा ,उसमे फूल कुछ ऊपर उठ कर खिलता है। उसमें कांटे भी है पर फूल शायद खुद उठ कर कुछ इस तरह खिलता है कि उसे छूने वाले को कांटे चुभ न सके।
"व्यक्ति को भी ऊपर उठ कर खिलना चाहिए जिससे अगर उसकी संगत में कुछ कांटे हो भी तो किसी और को आघात न पहुंचायें।"

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