"बस यूँ ही " .......अमित
"शब्द भीतर रहते हैं तो सालते रहते हैं, मुक्त होते हैं तो साहित्य बनते हैं"। मन की बाते लिखना पुराना स्वेटर उधेड़ना जैसा है,उधेड़ना तो अच्छा भी लगता है और आसान भी, पर उधेड़े हुए मन को दुबारा बुनना बहुत मुश्किल शायद...।
शुक्रवार, 26 जून 2026
बातें दिल की।
बुधवार, 24 जून 2026
कली।
"अभी तुम्हारा खिलना शेष है,
अभी तुम्हारा खिलखिलाना शेष है,
अभी तुम्हारा महकना शेष है,
सूरज हवा और मिट्टी से प्राण लेते रहो,
अभी तुम्हारा बिखरना शेष है।"
जो शेष है वही विशेष है।
काश।
धूप
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पत्तियों से होकर आती धूप खुश्क सी खुशबू लिए होती है।
पत्ती
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सूखी पत्तियों पर पांव रखते हुए चलने में एहसास होता है कि जीवन के बाद भी पत्तियां पांव की हिफाज़त कंकड़ पत्थर से कर जाती हैं।
फूल
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फूल तो खुशबू बिखेर कर समर्पण करना सिखाते हैं।
"इन तीनों में से कोई एक सा भी हो जाऊँ किसी एक के लिये भी तो जीवन सिद्ध हो जाये।"
मंगलवार, 23 जून 2026
अग्नि दुर्घटना।
चलती कार में लगी आग। दरवाजों का लॉक सिस्टम हुआ फेल। लोग भीतर ही दम घुटने से मृत पाए गए।
बिल्डिंग में लगी आग। अंदर के डोर सारे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से काम करते थे। कहीं फेस रिकग्निशन से और कहीं थंब इम्प्रैशन से डोर खुलते थे। आग लगने से बिजली बंद हो गई और सारे डोर बन्द ही रहे , खुल नही सके। दम घुटने से लोगों की मृत्यु हुई।
मूर्ख लोगों इस जमाने मे भी इतनी दूरदृष्टि न हो कि भाई अगर यह सिस्टम फेल हुआ तो लोग कैसे बाहर निकलेंगे।
इतना भी क्या ऑटोमेशन कि जान की कोई कीमत न रहे।
1.पहले Zen कार में पीछे के दोनों दरवाजे मैन्युअल होते थे। कम से कम एक दरवाजा वो भी ड्राइवर के साथ वाला मैन्युअल होना ही चाहिए।
2. बिल्डिंग के फायर ऑडिट में यह ensure किया जाना चाहिये कि पावर फेलियर की स्थिति में सारे ऑटोमेटिक सिस्टम कैसे behave करेंगे। एग्जिट करने वाले दरवाजे मैन्युअल होने चाहिए।
3. बैंक के दरवाजे कभी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से क्रियाशील नही रखे जाते। अब बैंक से इम्पोर्टेन्ट तो कोई और बिल्डिंग नही हो सकती।
4. फायर ड्रिल प्रत्येक माह अवश्य होना चाहिये।
5. कोचिंग सेंटर में हर क्लास के पहले दो मिनट का डिसास्टर मैनेजमेंट के लिए ऑडियो चलाना चाहिए जैसे फ्लाइट में अनिवार्यतः सेफ्टी measures बताए जाते हैं।
6. किसी भी परिसर में बड़ी बड़ी होर्डिंग्स, पोस्टर्स लगे होने चाहिए कि आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने का क्या तरीका होगा।
7.पेरेंट्स किसी भी स्कूल, कोचिंग में यह सवाल जरूर पूछें कि किसी भी disaster को हैंडल करने के वहां क्या उपाय हैं।
8. Unsafe जगहों के बारे में माउथ पब्लिसिटी अवश्य करें।
9. पहला अंदेशा यही होता कि बिजली शॉर्ट सर्किट से लगी होगी और अब बिजली वाले जिम्मेदार हुए। जबकि बिजली वालों का काम बस मीटर तक बिजली देना होता उसके आगे से कोई मतलब नही। फिर भी कार्यवाई हो जाती उनके खिलाफ और बाद में सफाई देते रहते बेचारे।
10. फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी (यह बिजली विभाग से अलग विभाग होता है ), यह दो विभाग सीधे तौर पर जिम्मेदार होते हैं। अगर बिल्डिंग के मानकों में कोई कमी है तब Developent authority या housing board जिम्मेदार होता है।
ऐसी घातक और दुःखद रिपीट न हों इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। एक दूसरे के ऊपर जिम्मेदारी खिसकाने से कोई समाधान नही निकल सकता।
सोमवार, 15 जून 2026
बेशरम।
बहुत पहले एक 'बेशरम' का पेड़ दिख जाता था सभी जगह, लोग अपनी क्यारियों की उससे फेंसिंग भी करते थे। उसमे सफ़ेद रंग का फूल आता था।
यह पेड़ लचकदार टहनी का होता था और इसकी सन्टी बहुत मस्त बनती थी, सरकारी स्कूल के मास्टर लोगों की फेवरिट।
"शायद उस पेड़ का मानवीकरण हो गया अब।"
रविवार, 14 जून 2026
फुहार।
एकदम से क्या मौसम हो गया है। मंद मंद बारिश और धीमी तेज हवा, बारिश धीमी हो और हवा तेज़ तो फुहार बन जाती है। फुहार का अपना कोई बस नही होता, कभी इधर कभी उधर भिगो देती है सब कुछ।
तपती धूप में जलते पेड़ पौधे इस समय इतने खुश हैं और झूम रहे हैं भीगते हुए। पत्तियों का पत्तियों से आलिंगन देखते ही बन रहा है।
"फुहार बारिश की हो या हो प्यार की ,भिगो तो देती है भीतर तक ।"
बुधवार, 10 जून 2026
शून्य की गूंज।
शून्य के भीतर भी ,
होते हैं बहुत सारे शून्य ,
जब जब तुम चुप हुए ,
शून्य अटकते गए ,
एक के भीतर एक ,
फिर एक और एक,
कितनी भी बातें ,
कोई और कर ले ,
शून्य में गूँज ,
फिर कभी नहीं ,
पहला शून्य गर तुम ,
रख देते अलग ,
बस दो बोल ,
बोल तो देते ,
शून्य के पीछे शून्य ,
बहुत सारे शून्य,
दौड़े चले आते,
सब एक कतार में,
करने लगते अठखेलियां
वही सारे शून्य ,
बन कभी निगाहें और ,
कभी तबस्सुम तुम्हारी ।
- ©अमित
