सोमवार, 2 जुलाई 2012

"कार ड्राइविंग और आप........."





प्रत्येक व्यक्ति का अपना व्यक्तित्व ,अपनी जीवन शैली या कहें अपना एक फिक्स्ड एटीट्यूड होता है | उसके बारे में जानने के लिए लोगों ने समय के साथ अनेक विधाएं विकसित कर लीं हैं ,जैसे हैण्ड राइटिंग / हस्ताक्षर का अध्ययन  , फेस रीडिंग ,टैरो कार्ड ,चलने फिरने या बात करने का तरीका ,इन सब से काफी कुछ मालूम चल भी जाता है किसी के बारे में, और कभी कभी एकदम मिथ्या भी साबित होता है |

सोने की मुद्रा और चाय पीने के अंदाज़ से भी काफी कुछ झलक मिल जाती है किसी के व्यक्तित्व के बारे में |

वास्तव में इस प्रकार के अध्ययन का आधार 'रैंडम सर्वे' में मिले आंकड़ों पर टिका होता है | पाए गए निष्कर्षों को जेनरेलाइज कर दिया जाता है बस |

कार चलाना महज ड्राइविंग नहीं | कार चलाते समय आप कार से बात करते हैं ,अपने आगे पीछे के ट्रैफिक से बात करते हैं | अन्य चालकों से आपका संवाद होता रहता है ,कभी आँखों आँखों में और कभी इशारों में | अब आप एक 'लाइव मशीन' से कैसे बर्ताव करते हैं ,उससे भी आपके व्यक्तित्व की झलक मिलती है | बस उसी पर चर्चा करने का दिल हो गया और बन गई यह पोस्ट :

१.अपनी कार की सफाई का विशेष ध्यान रखते हैं | भले ही स्वयं सफाई करनी पड़े , धूल धूसरित कार चलाना एकदम पसंद नहीं  : जीवन में अनुशासित व्यक्ति |

२.कार के भीतर परफ्यूम जरूर हो ,भले म्युज़िक सिस्टम न हो : रोमांटिक व्यक्ति |

३.म्युज़िक सिस्टम जरूर हो, भले गाडी में स्टेपनी न हो : आत्मकेंद्रित व्यक्ति |

४.कार स्टार्ट करने से पहले कार के नीचे झाँक कर देखना कि कहीं कोई कुत्ते या बिल्ली का बच्चा तो नहीं बैठा है : आवश्यकता से अधिक सावधानी बरतने वाला |

५. कार बैक करते समय रियर व्यू मिरर में न देखकर बल्कि पीछे गर्दन घुमा कर बैक करना :अपने पर भरोसा कम, दूसरों पर ज्यादा |

६.कार फर्स्ट गियर के बजाय सीधे सेकण्ड गियर से उठाना :आत्मविश्वास की अधिकता , ऐसा व्यक्ति सीढियां भी एक एक छोड़ कर चढ़ता होगा |

७.अनायास हार्न बजाना : हीन भावना से ग्रस्त व्यक्ति , दूसरों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की चाह |

८.गति और दूरी के अनुपात का ज्ञान न होने के कारण बार बार ब्रेक लगाना :पुअर प्लानर |

९.अधिकतर एक ही हाथ से स्टीयरिंग पकड़ कर कार चलाना : आत्म विश्वास से भरपूर |

१०.टर्निंग इंडिकेटर भी आन हो और हाथ से भी इशारा हो  रहा हो :ड्राइवर महिला हो सकती है  |

११.उतरते समय अकस्मात दरवाजा खोल देना : कल्पना शील व्यक्ति , अपने में खोया हुआ |

१२. रास्ता कंकरीला / खराब होने पर टायर का दर्द दिल पर महसूस करने वाला : परिवार के प्रति अगाध प्रेम करने वाला |

१३.इंजन हौले से स्टार्ट करना और धीरे धीरे कार आगे बढाते हुए गति में लाना : प्यार करने में एक्सपर्ट |

१४.कार में जरा भी खरोंच या डेंट लगा ,तुरंत ठीक करा लिया : अपनी पत्नी / पति से  बहुत प्यार करने वाला /वाली |

१५.नंबर प्लेट पर रजिस्ट्रेशन नंबर यूनीक होना : दुनिया से अलग दिखने की चाह |  

१६.पीछे आने वाली गाडी को पास न देना : जिद्दी और दूसरों की मदद न करने वाला |

१७.रात में लो बीम का प्रयोग करने वाला : दूसरों की असुविधा को समझने वाला |

१८. पेट्रोल लेते समय हमेशा टंकी फुल कराना : समय का महत्त्व समझने वाला , अच्छा प्लानर |

१९.फुटकर में पेट्रोल लेने वाला : अपने जीवन के प्रति तनिक कम आश्वस्त |

२०.पेट्रोल के साथ साथ पहियों में हवा का ध्यान भी रखने वाला : हर छोटी छोटी चीजों का महत्त्व  समझने वाला |


" ड्राइविंग और सेफ़  ड्राइविंग में बहुत फर्क होता है थोड़ा सोचने की बात है  ,कम उम्र में बच्चे  ड्राइविंग सीख तो सकते हैं परन्तु रेफ्लेक्सेज़ उम्र के ही साथ बनते हैं ।"


" कुछ महिलायें भी अत्यंत कुशल ड्राइवर होती हैं ।" ( यह कथन मैंने बाद में जोड़ा है  )

21 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तर
    1. गुरु पूर्णिमा के दिन आशीर्वाद मिल गया | आभार |

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  2. मैं तो बहुत ही संयमित और अनुशासित ड्राइवर हूँ जी. बहुत सावधान और सतर्क रहकर उचित गति में गाड़ी चलाता हूँ. टायर बदलने का एक्सपर्ट हूँ. आराम से काम करते हुए दस मिनट से कम में पहिया बदल देता हूँ. हौर्न तो नाममात्र का बजाता हूँ. यदि आपने दिए गए बिन्दुओं पर नंबर बांटे होते तो शायद सबसे आगे मैं ही रहता.

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    1. पहिया तो हम भी बदल लेते हैं | पर टायर बदलना निश्चित रूप से मुश्किल काम होगा | नो आइडिया |

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  3. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति

    कल 04/07/2012 को आपकी इस पोस्‍ट को नयी पुरानी हलचल पर लिंक किया जा रहा हैं.

    आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!


    '' जुलाई का महीना ''

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  4. टर्निंग इंडिकेटर भी आन हो और हाथ से भी इशारा कर रहा हो :ड्राइवर महिला ही होगी |
    महिलायें कार के बाहर हाथ नहीं निकालतीं।

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    1. हाँ ! ठीक कहा आपने | आज कल सारी कारें ए.सी.होती हैं | शीशा चढ़ा होता है , पावर विंडो होती है | अब हाथ निकालने के लिए शीशा उतारना होगा | उसके लिए बटन ढूंढ कर दबाओ | चलती कार में बिना अगल बगल देखे छोटा सा बटन ढूंढना , पता चला अपना शीशा तो खुला नहीं बाकी तीनो दरवाजे के शीशे उतर गए | इससे अच्छा खोलो ही नहीं | हा हा हा | ( मैंने व्यंग के तौर पर लिखा है , कृपया अन्यथा न लीजिएगा | आपका कमेन्ट मिलने के बाद ही मैंने अपनी पोस्ट में अंतिम लाइन अलग से जोड़ी है |

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  5. हम पर तो १४,१७,१८ और २० लागू होता है..
    धन्यवाद..

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    1. एक दिन मुझे किसी ने ग़लत साईड से ओवरटेक कर लिया था, मैं उसे हार्न बजा कर उसकी ग़लती बताना चाहती थी, गाड़ी चलाते-चलाते मैं होर्न ढूंढती रही, लेकिन मुझे मेरी गाड़ी का होर्न मिला ही नहीं...
      घर आकर सबसे पहले में ये ढूँढा होर्न कहाँ है..
      यहाँ होर्न बजाने की कभी ज़रुरत ही नहीं पड़ती है..

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  6. ख़ूब ध्यान से मुद्रायें पढ़ी है और विश्लेषण भी बहुत ख़ूब- बाह्य क्रिय कलापों द्वारा व्यक्तित्व का उद्घाटन (यहाँ पर ड्राइविंग के संदर्भ में )!

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  7. मैं तो और भी टॉप क्लास ड्राइवर हूँ, क्योंकि मैं यहाँ पर दिए गए रूल्स फ़ॉलो करता हूँ -

    http://raviratlami.blogspot.in/2012/07/blog-post_3.html

    :)

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  8. इसका मतलव मै एक अच्छी ड्राइवर हूँ। धन्यवाद।

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  9. वाह आपने दिल्ली वालों या कहें भारतीय ड्राइवरों के मानकीकरण की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम उठाया है...

    साधुवाद.

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  10. हम तो बे'कार' हैं अभी :)
    लेकिन इन नियमों का ध्यान रखा जाएगा अगर कभी स'कार' हुए तो :D


    सादर

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