गुरुवार, 5 जुलाई 2012

" माउस " से दिल तक ......."



पहले जब कम्प्यूटर का प्रयोग नहीं होता था तब कवि या लेखक अपनी कलम से कागज़ पर लिखने के लिए स्याही का प्रयोग करते थे | परन्तु सच तो यह होता था कि  लिखते समय उनका ह्रदय भावों की अतिरेकता में पसीजता रहता था और वे अपनी कलम को उसी ह्रदय में डुबो डुबो विषय वस्तु के कैनवस पर इबारतें उकेर दिया करते थे | उसी कलम के सहारे अक्सर दूसरों के दिल में बहुत गहरी पैठ बना लेते थे |

आज कलम का स्थान 'माउस' ने ले लिया है | महत्व पूर्ण तो 'की बोर्ड' भी है परन्तु कलम की नोक तो 'माउस' ही है | वह जहां अपनी नोक ( कर्सर ) रखता है , 'की बोर्ड' वहीँ असरकारी होता है | आज के लेखक / कवि 'माउस' की सवारी करते हैं | माउस की सवारी तो गणेश जी भी करते है ,जो उन्हें सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की सैर कराता है ,वही 'माउस'  अब अपने सवार को पूरे विश्व की सैर पल मात्र में करा देता है |

किसी भी तरह की रचना करते समय रचनाकार के मन या मस्तिष्क में कोई न कोई व्यक्ति अवश्य विद्दमान होता है , भले ही उसका उस विषय से सम्बन्ध हो या न हो, परन्तु प्रेरक के रूप में या माडल के रूप में या पाठक के रूप में सदैव उपस्थित रहता है और वह व्यक्ति लेखन की शैली को प्रभावित करता है | लिखते समय बस यह लगता है कि 'माउस' सीधे उस व्यक्ति के दिल पर 'क्लिक' कर रहा है | 

परन्तु कभी कभी लेखनी / माउस उदास या मौन भी हो जाती है | ऐसा भावों की न्यूनता में या कभी अतिरेकता में भी हो जाता है | ऐसे ही  'माउस' के बारे में कुछ भाव यूं प्रकट हुए ( जो सभी के साथ होता होगा ) :

१. आज 'माउस' की सवारी का दिल नहीं कर रहा है | पर क्या करें , कोई इंतज़ार यहाँ भी तो करता होगा |

२.'माउस' मायूस है |

३.'माउस' मिस कर रहा है |

४.' माउस' मसोस कर रह गया |

५.'माउस' मनहूस क्यों है |

६.'माउस' मस्त हुआ |

७.'माउस' ने मुंह खोला और पासवर्ड (दिल का ) लीक हो गया |

८.'माउस' मौन है |

९.'माउस' महान है |

१०.'माउस' है कि मानता नहीं |

"अब तो हर कोई लिखने वाला बस यही कहना चाहता है अगर आपको मुझसे प्यार है तो मेरे 'माउस' से भी वही प्यार करें |" 

                                                  " love me and love my mouse "


11 टिप्‍पणियां:

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    बेहतरीन रचना

    सावधान सावधान सावधान
    सावधान रहिए



    ♥ आपके ब्लॉग़ की चर्चा ब्लॉग4वार्ता पर ! ♥

    ♥ सावधान: एक खतरनाक सफ़र♥


    ♥ शुभकामनाएं ♥

    ब्लॉ.ललित शर्मा
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  2. हमें माउस की सवारी अनाधिकृत चेष्टा लग रही थी, हमने टचपैड अपना लिया है।

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  3. माउस का साथ .... फिर दुनिया मेरी मुट्ठी में .... बहुत बढ़िया

    150 वीं पोस्ट के लिए बधाई ।

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  4. मूसक आख्यान जिंदाबाद .अमर रहे ये अद्भुत ज्ञान.

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  5. माउस सीने से सटा के, अमित लिखिन है पोस्ट,
    डेढ़ संचुरी लग गई , ब्लॉगिंग का पिछियाये है घोस्ट!

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  6. माउस के एक इशारे पर पूरी दुनिया सामने !

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  7. 150 वीं पोस्ट मे माउस की महिमा अच्छी लगी सर!


    सादर

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