बुधवार, 24 जून 2026

कली।




 "अभी तुम्हारा खिलना शेष है,

अभी तुम्हारा खिलखिलाना शेष है,

अभी तुम्हारा महकना शेष है,


सूरज हवा और मिट्टी से प्राण लेते रहो,

अभी तुम्हारा बिखरना शेष है।"

जो शेष है वही विशेष है।


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