"शब्द भीतर रहते हैं तो सालते रहते हैं, मुक्त होते हैं तो साहित्य बनते हैं"। मन की बाते लिखना पुराना स्वेटर उधेड़ना जैसा है,उधेड़ना तो अच्छा भी लगता है और आसान भी, पर उधेड़े हुए मन को दुबारा बुनना बहुत मुश्किल शायद...।
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति
सुन्दर प्रस्तुति.
लाजवाब, दिल को छू गई!!!
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति
जवाब देंहटाएंसुन्दर प्रस्तुति.
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