शनिवार, 31 दिसंबर 2011

" ३१.१२.२०११ " ..........वर्ष २०११ की १००वी पोस्ट...


                                              
                                               " वक्त तुमसे शिकायत है "
लम्हा लम्हा,
कतरा कतरा,
तुम बीतते रहे,
मुस्कुराते रहे,
भिंची मुट्ठी से, 
तुम सरकते रहे,
रोकने की कोशिश,
बहुत की मगर,
तुम गुजरते रहे,
पर कभी, 
ठहरे नहीं,
हाँ !जब कभी,
मायूस हुआ मै,
पता नहीं, 
क्यूँ तुम ठहर सा गए,
यही तुमसे शिकवा है,
यही तुमसे शिकायत है |
अगले बरस, 
ऐसा क्यूँ न हो,
तुम्हारे (वक्त) कैनवस पे,
जब सुकून के लम्हे,
अपनी स्याही उड़ेले,
उन्हें दूर तक फैलने देना,
और मायूस मुकामों, 
और गमो की स्याह,
स्याही वहीं सोख लेना |
तुम्हारे हमल में,
क्या है,
तुम जानो,
मुझे बस,
मेरे अपनों की,
ख़ुशी देना, 
हां! तुमसे एक, 
वादा जरूर है,
गर तुमने वक्त दिया,
तो फिर मुलाक़ात होगी |


                                                "नववर्ष की शुभकामनाएं "

               

17 टिप्‍पणियां:

  1. सार्थक सन्देश देती रचना ..
    अमित जी बढ़िया सफ़र रहा इस साल का
    १०० वी पोस्ट के लिए बहुत बहुत बधाई
    .......नववर्ष आप के लिए मंगलमय हो

    शुभकामनओं के साथ
    संजय भास्कर

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  2. तुम्हारे हमल में,
    क्या है,
    तुम जानो,
    मुझे बस,
    मेरे अपनों की,
    ख़ुशी देना...

    वाह....१०० वी पोस्ट की बहुत बहुत बधाई.
    नव वर्ष की हार्दिक शुभकमनाएं...

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  3. वक्त ने एक और साल मयस्सर किया है हम सबको

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  4. बहुत सुन्दर ख्याल्……………।आगत विगत का फ़ेर छोडें
    नव वर्ष का स्वागत कर लें
    फिर पुराने ढर्रे पर ज़िन्दगी चल ले
    चलो कुछ देर भरम मे जी लें

    सबको कुछ दुआयें दे दें
    सबकी कुछ दुआयें ले लें
    2011 को विदाई दे दें
    2012 का स्वागत कर लें

    कुछ पल तो वर्तमान मे जी लें
    कुछ रस्म अदायगी हम भी कर लें
    एक शाम 2012 के नाम कर दें
    आओ नववर्ष का स्वागत कर लें

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  5. बहुत सुन्दर ..
    स्वागत नए वर्ष का ..शुभकामनयें.

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  6. 100 वीं पोस्ट और नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनाएँ।

    सादर

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  7. बेहतरीन अंदाज़..... सुन्दर
    अभिव्यक्ति.........नववर्ष की शुभकामनायें.....

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  8. बहुत सुन्दर .....नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

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  9. वक़्त से आपका वार्तालाप अपनापन लिए नदी की भाँति कल-कल बहता है और हम उस निर्मल जल (भाव) में गोते लगा आनंद का अनुभव करते हैं | बहुत सुंदर रचना | बधाई !
    आपको नए साल की ढेरों शुभकामनाएँ !

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  10. सौवीं पोस्ट की बधाई।
    आपको और आपके परिवार को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं!

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  11. सुन्दर प्रस्तुति.
    मेरे ब्लॉग पर आप आये इसके लिए आभार.

    नववर्ष की आपको व आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  12. १०० वीं पोस्ट के लिए आपको बहुत बहुत बधाई.

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  13. आपको तथा आपके परिजनों को नववर्ष की मंगलकामनाएं!!

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  14. १०० वीं पोस्ट के लिए आपको बहुत बहुत बधाई
    आपको व आपके परिवार को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  15. "अगले बरस,
    ऐसा क्यूँ न हो,
    तुम्हारे (वक्त) कैनवस पे,
    जब सुकून के लम्हे,
    अपनी स्याही उड़ेले,
    उन्हें दूर तक फैलने देना,
    और मायूस मुकामों,
    और गमो की स्याह,
    स्याही वहीं सोख लेना |"

    tathastu......!!!
    naya saal mangal may ho...!!!

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