शनिवार, 12 मई 2012

"माँ मतलब ....."


माँ ,
मतलब,
वह ,
जिसकी नींद ,
पूरी होती है,
अपने बच्चे को सोता देख,
जिसकी भूख ,
मिटती है ,
अपने बच्चे को खाता देख,
जो खुश हो जाती है,
बस सुन किलकारी,
जिसकी थकान ,
मिट जाती है,
बस उसे कलेजे से लगाकर,

माँ ,
मतलब,
जो सोने के बाद,
बालों में हाथ फेर दे,
बस एकबार,
जो दिख जाये ,
सबसे पहले,
आँख खुलने पे,
बस एकबार,

बच्चों को तो बड़ा होना ही है ,
सो बड़े हुए और चले गए दूर,

अब ,
माँ ,
मतलब,
जो अकेले में,
निहारा करे बस,
फोटो उनकी,
और चूमा करे,
उनके मेडल ,
बार बार,
और बस ,
सुखाती रहे,
गीली आँखों के कोर,
आँचल से बारबार,

माँ ,
मतलब ,
जो हर निवाले,
से पहले सोचे,
उसने तो खा लिया,
होगा न ,

माँ ,
मतलब ,
जिसके लिए ,
उसके बच्चे की,
उम्र कभी नहीं बढती,
उसके लिए ,
तो वह बस,
हमेशा ,
बच्चा ही ,
रहता है,
थोडा जन्मा ,
थोड़ा अजन्मा ।

20 टिप्‍पणियां:

  1. अत्यंत भाव प्रबल ...कोमल सुंदर रचना ...!
    शुभकामनायें ...!!

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  2. रात रात भर सो गीले में ,
    मुझको गले लगाती होगी
    अपनी अंतिम बीमारी में ,
    मुझको लेकर चिंतित होंगीं
    बच्चा कैसे जी पायेगा ,वे निश्चित ही रोई होंगी !
    सबको प्यार बांटने वाली,अपना कष्ट छिपाती होंगी !


    अपनी बीमारी में, चिंता
    सिर्फ लाडले ,की ही होगी !
    गहन कष्ट में भी, वे ऑंखें ,
    मेरे कारण चिंतित होंगी !
    अपने अंत समय में अम्मा ,मुझको गले लगाये होंगी !
    मेरे नन्हें हाथ पकड़ कर ,फफक फफक कर रोई होंगी !

    **************************************************

    सबसे पहला गीत सुनाया
    मुझे सुलाते , अम्मा ने !
    थपकी दे दे कर बहलाते
    आंसू पोंछे , अम्मा ने !
    सुनते सुनते निंदिया आई,आँचल से निकले थे गीत !
    उन्हें आज तक भुला न पाया ,बड़े मधुर थे मेरे गीत !

    आज तलक वह मद्धम स्वर
    कुछ याद दिलाये कानों में
    मीठी मीठी लोरी की धुन
    आज भी आये, कानों में !
    आज जब कभी नींद ना आये,कौन सुनाये मुझको गीत !
    काश कहीं से मना के लायें , मेरी माँ को , मेरे गीत !

    मुझे याद है , थपकी देकर
    माँ अहसास दिलाती थी !
    मधुर गुनगुनाहट सुनकर
    ही,आँख बंद हो जाती थी !
    आज वह लोरी उनके स्वर में, कैसे गायें मेरे गीत !
    कहाँ से ढूँढूँ ,उन यादों को,माँ की याद दिलाते गीत !

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  3. भाव-विभोर कर देने वाली रचना...

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    1. Ab to kuch kehne ke liye bacha hi Nahi, Sab Kuch to keh diya tumne.
      Aesi hai maeri MAA

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  4. माँ... मतलब माँ अतुलनीय... सच ही है उसके लिए बच्चा कभी बड़ा नहीं होता, सिर्फ बच्चा ही रहता है .... कोमल भाव... Happy Mother's Day ...

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  5. माँ ,
    मतलब ,
    जिसके लिए ,
    उसके बच्चे की,
    उम्र कभी नहीं बढती,... माँ की खरी तस्वीर

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  6. माँ ,
    मतलब ,
    जिसके लिए ,
    उसके बच्चे की,
    उम्र कभी नहीं बढती,
    उसके लिए ,
    तो वह बस,
    हमेशा ,
    बच्चा ही ,
    रहता है,
    थोडा जन्मा ,
    थोड़ा अजन्मा ।

    इससे ज्यादा और इससे बेहतर कुछ भी नहीं.....!!

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  7. माँ ने जिन पर कर दिया, जीवन को आहूत
    कितनी माँ के भाग में , आये श्रवण सपूत
    आये श्रवण सपूत , भरे क्यों वृद्धाश्रम हैं
    एक दिवस माँ को अर्पित क्या यही धरम है
    माँ से ज्यादा क्या दे डाला है दुनियाँ ने
    इसी दिवस के लिये तुझे क्या पाला माँ ने ?

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  8. माँ के लिए बच्चे हमेशा थोडा जन्मा , थोडा अजन्मा रहता है ...बस बच्चे ही बड़े हो जाते हैं हमारी तरह!

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  9. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति.


    माँ के लिए ये चार लाइन
    ऊपर जिसका अंत नहीं,
    उसे आसमां कहते हैं,
    जहाँ में जिसका अंत नहीं,
    उसे माँ कहते हैं!

    आपको मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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  10. माँ ,
    मतलब ,
    जिसके लिए ,
    उसके बच्चे की,
    उम्र कभी नहीं बढती,
    उसके लिए ,
    तो वह बस,
    हमेशा ,
    बच्चा ही ,
    रहता है,
    थोडा जन्मा ,
    थोड़ा अजन्मा ।
    बहुत सुन्दर. शुभकामनाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  11. सचमुच माँ हमेँ ईश्वर की सर्वोत्तम देन है।
    बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


    इंडिया दर्पण
    की ओर से मातृदिवस की शुभकामनाएँ।

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  12. माँ के प्यार में निस्वार्थ भाव को समेटती आपकी खुबसूरत रचना....माँ तो सिर्फ माँ होती है....

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  13. माँ ,
    मतलब ,
    जो हर निवाले,
    से पहले सोचे,
    उसने तो खा लिया,
    होगा न ,
    वाह.... बहुत सुन्दर और सार्थक कविता
    शुभकामनाएं,

    माँ मतलब माँ ..
    इनसे से बड़ा क्या ?
    पहाड़, पेड़, समंदर..!!
    या फिर दुनिया ..?
    या फिर..
    शायद आस"माँ"..!!....
    .......

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  14. बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


    इंडिया दर्पण
    की ओर से आभार।

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