सोमवार, 28 मार्च 2011

"हाँ,मुझे अभी भी डाँट पड़ती है जब......."

.वे  सबेरे सबेरे चाय की प्याली लेकर  आएं और मैं toilet में स्थापित दिखूं |
.अखबार मेरे पढने के बाद अगर मुसा मुसा और मायूस सा मिले |
.अगर एसी बंद कर दिया ,भले ही ठण्ड से मेरी हड्डियाँ vibratory mode पर आ जाएँ |
.सफाई के बाद फर्श गीली हो और मेरे चरण स-चप्पल उन पर पड़ जाएं |
.उनके भगवान जी का कोई भी सामान बिना स्नान संपन्न किये छू भर लिया हो |
.डाइनिंग टेबल पर पहुचने की दो पुकार हो चुकी हो और मै अभी वहां उपलब्ध ना हुआ हों |
.उनकी अत्यंत प्रिय पुस्तकों को जरा भी चोट या ठेस पहुंची हो ,मेरे उपयोग के प्रकार से |
.नहाने के बाद शैम्पू का ढक्कन खुला मिले या गायब मिले ,या साबुन पर झाग लगा रह गया हो |
.उनकी पाक कला की प्रशंसा तत्काल न की गई |
१०.मेरा सॉरी बोलना तो  flirting माना जाता है |
११.ब्लागिंग की चर्चा हो रही हो और मै उनके ब्लॉग का घूँघट अनावृत ना करूँ |
१२.अगर वे फेसबुक या ब्लाग लेखन में लिप्त हैं तब वह सार्थक लेखन है ,और मैंने कहीं अपनी अर्जी लगाईं कि यार अब 'डब्बा' खाली करो तो,यह सिद्ध होता दिखता है कि आग्नेय बाण आज भी प्रचलन में है |   (डब्बा बोले तो कंप्यूटर )
                    पर कभी कभी जब मै पूरे मन से प्रयास कर  उनकी कसौटी पर लगभग ५१% से अधिक खरा उतरता हूँ ,तब वे मुझे गुड ब्याय भी बोल देती हैं ,फिर भी मै उनके ब्लाग पर जाकर टिप्पणी  नहीं करता हूँ | और जब वे इस बात पर गुस्सा करती हैं तब उन्हें उनके पासवर्ड की कसम दिला कर मना लेता हूँ |
                    इस सब के बारे में उनका कहना है कि दरअसल उन्होंने कभी quality से compromise नहीं किया है ,(मुझको छोड़ कर ) |
                    उनका ब्लाग  ( झरोखा ) :nivedita-myspace.blogspot.com

16 टिप्‍पणियां:

  1. घर घर की कहानी।
    सच में आपने एक से लेकर दस नम्‍बर तक में जो कुछ लिखा ऐसा लगा जैसे मेरी ही कहानी हो।
    हां 11 और 12 यहां लागू नहीं क्‍योंकि उन्‍हें मेरे ब्‍लाग लेखन में कोई दिलचस्‍पी नहीं और न ही वह फेसबुक में है।
    बहरहाल,बेहतरीन लेखन।
    शुभकामनाएं आपको।
    आपका मेरे ब्‍लाग में एक नए और दिलचस्‍प पोस्‍ट के लिए स्‍वागत है,,
    http://atulshrivastavaa.blogspot.com/2011/03/blog-post_26.html

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  2. ये शिकायतें प्यार ही दिखा रही है ...ये बोन्डिंग यूँ ही बनी रहे !

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  3. बनी रहे यह शिकायती मिठास..... उनके ब्लॉग पर अक्सर जाना होता है...

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  4. हा हा हा हा, आप दोनों का ही ब्लॉग पढ़ता हूँ। अपने 13 से 24 कभी मैं भी अनावृत करूँगा।

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  5. ज़रूर इस डांट का भी अपना मज़ा है तभी आपने इतना मज़ेदार लिखा है सर!:)

    वैसे मैं आप दोनों के ही ब्लोग्स पर नियमित रहने की कोशिश करता हूँ.

    सादर

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  6. छोटी छोटी घटना पर डांट पडे तो बडी घटना की लडाई से दूर रहा जा सकता है :)

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  7. वाह क्या कहने ...जिंदगी सुधर गयी .....जय हो नारी शक्ति की

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  8. इसी डांट में तो प्यार छिपा होता है.

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  9. कुछ शिकायतें तो सभी पत्नियों को होती हैं, वज़ह हो या नहीं ....डांट भी सुबह एक कडवी दवा समझ कर पी लेते हैं यह सोच कर कि घर की गाड़ी ठीक तरह शान्ति से चलती रहे..

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  10. bhagwaan aapki sahansheelta barkaraar rakhe aur unka ye ravaiyaa bhi....filhaal lagta hai ki aap enjoy hi karte hain varna ab tak unhen itani shikaayat ka mauka n dete...!!

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  11. .

    ये दस-सूत्री कार्यक्रम न हों तो पुरुष बेलगाम हो जायेंगे ।विकास का दौर है । दस की जागे बीस points होने चाहिए। अनुशासन बढेगा ।

    Smiles ..

    .

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