शुक्रवार, 18 मार्च 2011

"रंग स्मॄतियों के"

कितने बरस बीत गए ,
और बीतेंगे अभी कितने बरस |
पर स्मृतियों के ढेर में शेष है ,
वो रंगी-पुती सलोनी  सूरत आज भी  |
क्योंकि वो विशेष है ,
दोनों ही थे उम्र की उस दहलीज पर ,
जब होशो हवास खोना ,
सब कुछ पा जाने जैसा लगता था |
और मन को कोई बस यूँ ही ,
भाने लगता था |
उसकी  एक झलक की ,
ललक लिए ,
सारे दिन घर के जीने पर ,
बस साँसों का आरोह अवरोह ,
किया करता था |
अक्सर आधे जीने से ही ,
जब वह  दिख जाया करती थी ,
मेरा तो जीना हो जाया करता था |
पर जब पूरा जीना चढ़ने पर भी ,
ना दिखती वह  बगल की मुंडेर पे ,
सच मेरा जीना जाया लगता था |
ये लुकाछिपी होती थी कुछ पलों की ,
परन्तु उन पलों में कैद रहती ,
तमाम चेष्टाएँ ,कल्पनाएँ,योजनायें ,
और इसी बीच आ गई थी होली |
कौन सा रंग उस पे फबेगा ,
कितना मैंने सोचा था |
पहले पहले उसे  रंग मै ही लगाऊँगा ,
यह भी चाहत थी मन की |
सबकी नज़रों से छुपते बचाते ,
मै पहुंचा था ,
दबे पाँव उसके पीछे |
पर यह क्या ,
उसके गाल  तो सुर्ख लाल ,
हो रहे थे बगैर रंग के ही |
मैंने पूछा था  यह कैसे ,
उसने  कहा था पिघलती  आवाज़ में ,
"आप रंग वहां घोल रहे थे ,
और उसकी सुर्खी लाज बन ,
उभर रही थी मेरे गालों पे" ,
उस प्राकृतिक लाज के रंग पर ,
मै फिर कोई और रंग ना लगा सका था |
क्योंकि  लाज का रंग ही ,
फब रहा था ,
उस पर इतना |

                                                "होली की हार्दिक शुभकामनाएं "

32 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर शब्द चुने आपने कविताओं के लिए..

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  2. होली की सपरिवार रंगविरंगी शुभकामनाएं |
    कई दिनों व्यस्त होने के कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका

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  3. पहले पहले उसे रंग मै ही लगाऊँगा ,
    यह भी चाहत थी मन की |
    सबकी नज़रों से छुपते बचाते ,

    जीवन में यह भाव भी रंग की तरह चढ़ जाता है ...और फिर उतरने का नाम नहीं लेता ...आपने बहुत सुन्दरता से इस भाव को अभिव्यक्त किया है ...आपका आभार

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  4. लाज के रंग जब होली के रंगों से भी अधिक गहरे हो जायें तो होली आनन्दपूर्णा हो जाती है।

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  5. बहुत सुन्दर। होली की सपरिवार हार्दिक शुभकामनायें।

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  6. बहुत बढ़िया ...होली की हार्दिक शुभकामनायें आपको भी

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  7. क्या बात है सर! बहुत ही बढ़िया .

    आपको होली की सपरिवार हार्दिक शुभ कामनाएं!

    सादर

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  8. कितने बरस बीत गए ,
    और बीतेंगे अभी कितने बरस |
    पर स्मृतियों के ढेर में शेष है ,
    वो रंगी-पुती सलोनी सूरत आज भी |
    क्योंकि वो विशेष है ,
    दोनों ही थे उम्र की उस दहलीज पर ,
    जब होशो हवास खोना ,
    सब कुछ पा जाने जैसा लगता था |...bahut hi badhiyaa , holi ki shubhkamnayen

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  9. आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाये

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  10. बेहतरीन शब्‍द रचना ...होली की शुभकामनाएं ।

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  11. वाह्……………भावों को उंडेल दिया है…………अब इससे बढकर और कौन सा रंग होगा………………होली की हार्दिक शुभकामनायें।

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  12. बहुत ही सुन्दर ! होली की ढेर सारी शुभ कामनाये !.

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  13. "आप रंग वहां घोल रहे थे ,
    और उसकी सुर्खी लाज बन ,
    उभर रही थी मेरे गालों पे" ,
    उस प्राकृतिक लाज के रंग पर ,
    मै फिर कोई और रंग ना लगा सका था |
    क्योंकि लाज का रंग ही ,
    फब रहा था ,
    उस पर इतना |

    बहुत सुन्दर भाव...बहुत प्रेममयी रचना..होली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  14. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (19.03.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  15. तेरे रंग का रंग चढ़ा ऐसा... और कोई रंग चढे ना ॥ होली की बधाई॥

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  16. यह रंग अनमोल है ....
    शुभकामनायें होली पर !!

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  17. आपको और परिवार को शुभकामनायें अमित भाई !

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  18. सुंदर भाव से सुसज्जित रचना

    सुरक्षित , शांतिपूर्ण और प्यार तथा उमंग में डूबी हुई होली की सतरंगी शुभकामनायें ।

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  19. आप को सपरिवार होली की हार्दिक शुभ कामनाएं.

    सादर

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  20. आप को सपरिवार होली की हार्दिक शुभ कामनाएं

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  21. बहुत ही सुन्दर .....

    होली की बहुत बहुत शुभकामनायें।

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  22. आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं

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  23. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ...लाज का रंग हर रंग पर भारी ...

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  24. सुन्दर रचना के लिए स्वीकारिए बधाई।
    दिनों-दिन आपका लेखन पाए उँचाई॥
    ==========================
    होली मुबारक़ हो। सद्भावी -डॉ० डंडा लखनवी

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  25. वाह! लाज के रंग का स्टाक क्लियर नहीं हुआ अभी तक! बधाई! होली मुबारक!

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  26. सुन्दर भाव सुन्दर प्रस्तुति.
    होली की समस्त शुभकामनाये.

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  27. रंग और लाज के रंग ....क्या सुन्दर भाव चित्र उकेरा है !

    अति सुन्दर ......



    होली की बहुत-बहुत बधाई ....

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  28. क्या बात है जीजाजी!...बहुत बढ़िया.....
    होली की बहुत-बहुत बधाई..

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  29. यादो मे सिमट के आ गई जिंदगी पुऩः...

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