गुरुवार, 26 मार्च 2026

ज़िंदगी

 ज़िन्दगी महसूस करना हो जब कभी तो तितली के खुलते बन्द होते पंख देखना, बुलबुल की आवाज़ आंखे मूंद कर सुनना, नदी किनारे मछलियों को आटे की गोली देकर उनके खुलते बन्द होते मुंह को निहारना, छोटे अबोध बच्चे की मासूम मुस्कुराहट को देखना, रिक्शे वाले को कभी तय  किराए से कुछ रुपये ज्यादा देकर उसकी आँखों की चमक देखना और कभी आईने में अपनी आंखों को एकटक अपलक देखना, ज़िन्दगी ही ज़िन्दगी दिखाई पड़ेगी। ☺☺


#ज़िन्दगी

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