शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2012

" सोने की जगह तो फिक्स हो गई....."

                                                       
                                                                       " ०३ फरवरी १९८८ "

                  गाय का नवजात बछड़ा जन्म के साथ ही उछलने कूदने लगता है । एक दो दिन बाद तो वह इतनी तेज़ दौड़ता-भागता है कि उसे पकड़ना अत्यंत कठिन सा हो जाता है ।फिर धीरे धीरे वह बड़ा होता है और अपने में संयत होने लगता है । धीरे धीरे माँ का दूध पीना छोड़ भूसा खाना शुरू करता है । यहीं से उसका बछड़ा-पन समाप्त-प्राय होने लगता है और बैल बनने की प्रक्रिया प्रारम्भ होने लगती है । धीरे धीरे जब वह पूरा बैल बन जाता है ,तब तक उसका पूरा बछड़ा-पन ,उत्साह ,उमंग ,स्फूर्ति सब लुप्त सी हो जाती है और बस अपने दायरे में वह गोल गोल घूमना शुरू कर देता है और जीवन पर्यन्त बस वैसे ही घूमता रहता है ।
                  विवाह से पूर्व कोई भी लड़का बस बछड़े जैसा ही होता है । जोश ,जवानी,उमंग ,स्फूर्ति से भरा-पूरा और कुछ भी कर गुजरने को एकदम तत्पर ,एकदम 'may i help you' के अंदाज़ में , और विवाह के बाद उसके ये सारे गुण exponentially कम होने लगते है । 
                  विवाह का सबसे बड़ा लाभ ,जो संभवतः प्रत्येक व्यक्ति को होता होगा ,मुझे भी हुआ था कि कम से कम सोने का स्थान एक निश्चित स्थान पर तय हो जाता है, नहीं तो उसके पूर्व रोज़ रात में निर्देश कुछ इस तरह मिलते थे ,आज तुम बरामदे में सो जाओ ,या आँगन में सो जाओ या छोटे भाई के साथ या ताऊ जी के साथ या छत पर या पढ़ाई के कमरे में ही, या न जाने कहाँ कहाँ ।
                 आज हमारे विवाह को २४ वर्ष हो गए और २५ गांठे लग चुकी है ,निवेदिता संग । पहली गाँठ तो विवाह के साथ ही लग जाती है न ,इस तरह मेरे हिसाब से तो यह २५वी गाँठ है ।प्रारम्भ में हम दोनों में घोर प्यार रहा ,एकदम दही जलेबी सा, फिर थोड़ा थोड़ा हम दोनों गुस्सा भी करने लगे ,कभी गुस्सा इतना बढ़ा कि गुस्से के दौरान किस कारण नाराजगी हुई थी, यही भूल जाते थे । फिर मै  केवल इतना पूछता था कि, थोड़ी देर शांत होकर यह बता दो हम लोगों की लड़ाई क्यों हुई है ,याद करा दो ,मै तो टॉपिक ही भूल गया हूँ ,वह टॉपिक याद करा देतीं ,मै फिर गुस्सा गतांक से  आगे जारी कर देता ।
                 लेकिन इस सब खेल में अचानक से twist आ गया । दोनों बेटे जब थोड़ा बड़े और समझदार हुए तो दोनों अपनी माँ को बिना शर्त सरकार चलाने में समर्थन देने लगे । किसी भी मुद्दे पर मै तीन-एक के मत विभाजन से परास्त होने लगा । मुझे समझ में आ गया कि  विधायकी तो गई अब जमानत जब्त होने के दिन आ गए मेरे । मैंने फिर समझदारी का परिचय देते हुए (मन ही मन ) निवेदिता की  श्रेष्ठता अंगीकृत कर ली । इसके बावजूद भी मुझे प्रायः loyalty test से गुजरना पड़ता है ,परिणाम स्वरूप अनेक बार मुझे 'तन्खैय्या' घोषित किया गया और प्रायश्चित के तौर पर तरह तरह की कार-सेवा अब भी करनी पड़ती है ।
                 आज २४ वर्षों बाद स्थिति यह है कि हम दोनों में स्नेह और प्यार चरम पर है लेकिन वह परिस्थिति-जन्य रहता है । जैसे शिया-सुन्नी के बीच कि, वैसे तो आपस में एक दूसरे के सिद्धांतो के विरोधी, पर जब हमला कही और से, तब वे आपस में एकदम एक ।
                 हाँ ! अपने घर का प्रधान मंत्री मै ही हूँ ,पर सोनिया तो वही है ना,दूसरे देश से जो आई है ।
                "इतना अवश्य  कहूँगा  कि  पत्नी से प्यार भले ही कम हो जाए पर अपने इतने प्यारे बच्चों की प्यारी माँ से प्यार कैसे कम हो सकता है कभी। "

18 टिप्‍पणियां:

  1. अमित भाई आपको और निवेदिता जी को इस शुभ दिन की बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं !

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  2. विवाह के वर्षगांठ की बधाईयां।
    बहुत बढिया तरीके से विवरण दिया आपने।

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  3. महोदय हर घर की यही कथा व्यथा है !

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  4. क्या कहूँ..VERY VERY SWEET.आप दोनों को इस शुभ दिन की बहुत बहुत बधाई.

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  5. बहुत ही रोचक अंदाज़ में आपने अपनी जीवनी लिखी है ...बेबाक ...सरल ...सहज ...सुंदर ..आप दोनो को आज के दिन की बधाई एवं शुभकामनायें ...

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  6. विवाह वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएँ सर!


    सादर

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  7. "इतना अवश्य कहूँगा कि पत्नी से प्यार भले ही कम हो जाए पर अपने इतने प्यारे बच्चों की प्यारी माँ से प्यार कैसे कम हो सकता है कभी। "

    इस अंतिम लाइन ने मन खुश कर दिया अमितजी, हमेशा बना रहे आप दोनों का यह स्नेह हमारी ईश्वर से यही प्रार्थना है... सालगिरह मुबारक हो आप दोनों को...

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  8. हुजूर, हमारा भी यही हाल है, दो बच्चों की माँ को कैसे नाराज करूँ...

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  9. वैवाहिक जीवन के सिल्वर जुबली प्रवेश पर बधाई अमित भाई॥

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  10. आपको शादी की 25वी सालगिरहा बहुत-बहुत मुबारक हो.... :)अंतिम लाइन सोनी टीवी के एक प्रोग्राम का स्मवाद है ...:)जो बहुत ही प्रभावशाली ढंग से आपने अपने इस आलेख मे स्तेमाल किया है। समय मिले तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है।

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  11. बहुत-बहुत बधाई....जीजाजी, और अपने वैवाहिक सफ़र को इतने सुन्दर शब्दों में बाँटने के लिए धन्यवाद!

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  12. बधाईयाँ...आपसी प्यार दिन दुना बढ़ता रहे--शुभकामनाएँ.

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  13. बधाई हो बहुत बहुत ... ये प्यार दिनों दिन बढ़ता रहे ... आप ५० फिर १०० वसंत भी मिलके देखें ...

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  14. बधाई बहुत बहुत बधाई ... आप १०० बसंत भी मिल के देखें ...

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  15. बहुत बधाई शादी की २४ वीं वर्षगांठ के लिये. यह बंधन अनंतकाल यंही चलता रहे.

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  16. बधाई २५ सालगिरह के लिए .....
    दुआ है ये प्यार बना रहे .....
    और आप ५० सालगिरह भी ब्लॉग पर मनाएं ......:))

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