गुरुवार, 7 अक्तूबर 2010

"X" फ़ैक्टर

            एक दिन बड़ी मासूमियत से उन्होनें मुझसे कह दिया,"क्यों जी, तुम्हारे अंदर एक्स फ़ैक्टर तो है ही नही। मैं तो घबरा गया जैसे चलती स्कूटर से कोई कह दे कि   उसमें पेट्रोल तो है ही नही । मैं तो उस समय निशब्द और स्तब्ध रह गया पर थोड़ा साहस कर के उनसे पूछ ही लिया कि  मतलब क्या है? क्या वह वही पूछ रही हैं जो मैं समझ रहा हूं।मैनेे कहा यार २०--२२ साल ब्याह को हो गये,दो दो बच्चे हो गये,दोनों माशाल्लाह जवान है,हैण्डसम हैं,अच्छे प्रतिष्ठित,देश के सर्वोच्च संस्थान मे अध्धयनरत हैं,क्या यह सब बिना मेरे X फ़ैक्टर के ही हो गया।उनका कहना था कि वह सब तो ठीक है,मै मानती हूं पर आप जान लो कि आपके अंदर वह है नही।                  
                तीन चार दिन बीतने के बाद मुझे सच मे लगने लगा कि  मेरे अंदर से कुछ मिसिंग है।लगा या तो कोई आत्मा चुरा ले गया,या दिल मैं कहीं छोड़ आया,ऐसा क्या है जो वह unknown factor 'x' नही है।तमाम यार दोस्तों से पूछा कि भाई बताओ यह क्या बला है ।उन सब के अनुसार तो मेरे अंदर x क्या y,z सब कुछ है ।तमाम शोध के बाद परिणाम निकला कि   सामान्यतः अन्य लोगो से अलग थलग दिखने के लिये आपके अन्दर कुछ छिपी या unknown प्रतिभा या गुण होना चाहिये उसे ही x फ़ैक्टर कहते हैं।प्रायः ये इंटरव्यू की चीज़ होती है।मैने सोचा मै तो शेष लोगों से बहुत ही भिन्न हूं,फ़िर तो मेरे अंदर झउआ  भर एक्स फ़ैक्टर होना चाहिये।
                   जब मेरी झुंझलाहट बहुत बढ़ गई तब वे बोली यह तो देखने वाले पर निर्भर करता है कि वह क्या देखना चाहता है और अब आप मान भी लो आपके अंदर x factor नही है। थकहार कर  मैने मान ही लिया कि मेरे अंदर x फ़ैक्टर नही है और अब मैने तय कर लिया है कि जहां कही x factor मिलेगा मै उसे घोल कर पी जाऊंगा,चाहे उस के लिये मुझे EX क्यों ना होना पड़े ।

9 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बेहतरीन.....

    एक बार X फेक्टर पर मैने भी विश्लेषण किया था:

    http://udantashtari.blogspot.com/2007/04/blog-post_16.html

    जब समय मिले, तो देखियेगा.

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  2. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
    लक्ष्य

    हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
    अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
    अपने ब्लाग् को जोड़े यहां से

    कृपया अपने ब्लॉग पर से वर्ड वैरिफ़िकेशन हटा देवे इससे टिप्पणी करने में दिक्कत और परेशानी होती है।

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  3. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपने बहुमूल्य विचार व्यक्त करने का कष्ट करें

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  4. बहुत सुन्दर लिखा है…………।ब्लोग जगत मे स्वागत है।

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  5. dubara koshish kar raha hoon, yeh bataani ki aapko, ki wah Amit kya likhte hain aap.
    Aur haan samir ji aapka 'gali jo videsh tak gayi' padhi.. bahut hi sundar.

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  6. इस सुंदर से नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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