रविवार, 14 जून 2026

फुहार।

एकदम से क्या मौसम हो गया है। मंद मंद बारिश और धीमी तेज हवा, बारिश धीमी हो और हवा तेज़ तो फुहार बन जाती है। फुहार का अपना कोई बस नही होता, कभी इधर कभी उधर भिगो देती है सब कुछ।

तपती धूप में जलते पेड़ पौधे इस समय इतने खुश हैं और झूम रहे हैं भीगते हुए। पत्तियों का पत्तियों से आलिंगन देखते ही बन रहा है।

"फुहार बारिश की हो या हो प्यार की ,भिगो तो देती है भीतर तक ।"

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