शनिवार, 16 अक्तूबर 2021

बैंक...

 अभी ऑफिस से लौटते समय अचानक बीच रास्ते 'फुल ट्रैफिक' में कार बंद हो गई । तमाम कोशिशों के बावजूद 'स्टार्ट' नहीं हुई । पीछे लम्बा 'जाम' लग गया । 'प्रॉब्लम' बैटरी की लग रही थी । अब नीचे उतर कर मैं कार को धकेल कर किनारे करना चाह रहा था । चूंकि बैटरी एकदम ज़ीरो हो गई थी ,कार का शीशा नीचे कर पाना असंभव हो गया ,नहीं तो शीशा नीचे कर दरवाजा बंद कर बाहर से ही एक हाथ से स्टीयरिंग पकड़ कर दूसरे हाथ से धकियाते हुए थोड़ा किनारे तक तो कर ही लेता । 

अब शीशा बंद , फिर स्टीयरिंग पकड़ने के लिए दरवाजा खुला रख कर एक हाथ से स्टीयरिंग और दूसरे से धक्का लगाने में बहुत समस्या हो रही थी । पीछे से ,अगल बगल से, सब पों पों किये शोर मचाते हुए ,मुझे घूरते हुए और कार के दरवाजे को लगभग छूते हुए निकल रहे थे । इस बीच मैंने कार सर्विस वाले का नंबर ढूँढा तो वह मोबाइल में मिला ही नहीं ,लेकिन तब तक ध्यान आया उसका स्टिकर पीछे लगा था शीशे पर । उसे फोन किया तो बोला ,मैं तुरंत आ रहा हूँ ,चिंता मत करिये । पर 'ट्रैफिक' के बीच में 'रोड' के मध्य से बाएं आना भी आसान नहीं है ,ऐसी स्थिति में । 

एक दो लोगों को मैंने मदद की प्रत्याशा में देखा भी ,पर सब जल्दी में निकले । इसी बीच ठीक मेरे पीछे एक कार आकर रुकी । उसमे से एक नवयुवती उतर कर मेरे पास आई और बोली ,"मैं अंदर बैठ कर स्टीयरिंग संभाल रही हूँ ,आप दरवाजा बंद कर पुश करिये ,मैं धीरे धीरे किनारे कर देती हूँ ,आप अकेले दरवाजा खुला रख कर कार को धकेल रहे हैं ,कोई रुक नहीं रहा है ,आपको चोट भी लग सकती है । "  मैंने उसकी बात मान ली और मेरी कार किनारे आ गई । 

उसको जाते हुए जब मैंने थैंक्स बोला तो उसने कहा ," i know you sir , you have been many times kind enough to help me out ,regarding electricity related issues,ok ,bye . पर मैं तो बिलकुल नहीं पहचान पाया था उसे ।  कार की बैटरी बदलवा कर अब मैं घर आ चुका हूँ।


"बैंक सिर्फ रुपये पैसे का नहीं होता  ,व्यवहार का भी होता है । "

5 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना  ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" रविवार 17 अक्टूबर 2021 को साझा की गयी है....
    पाँच लिंकों का आनन्द पर
    आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. सुन्दर| व्यवहार का होता जरूर है पर सब का अनुभव एक सा नहीं होता है :)

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