"बस यूँ ही " .......अमित
"शब्द भीतर रहते हैं तो सालते रहते हैं, मुक्त होते हैं तो साहित्य बनते हैं"। मन की बाते लिखना पुराना स्वेटर उधेड़ना जैसा है,उधेड़ना तो अच्छा भी लगता है और आसान भी, पर उधेड़े हुए मन को दुबारा बुनना बहुत मुश्किल शायद...।
सोमवार, 20 अप्रैल 2026
शनिवार, 18 अप्रैल 2026
गुरुवार, 16 अप्रैल 2026
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026
रविवार, 12 अप्रैल 2026
मंगलवार, 7 अप्रैल 2026