पोका योके (poka-yoke )
जापानी शब्द है यह। मैन्युफैक्चरिंग डिज़ाइन और आपरेशन में यह तकनीक प्रयोग की जाती है।
इसका उद्देश्य यह होता है कि गलती से भी गलती न हो।
उदाहरण के तौर पर मोबाइल में सिम का कोना और सिम ट्रे का कोना थोड़ा सा तिरछा कटा हुआ होता है। जिससे कभी कोई गलती से भी सिम लगाने में गलती नही करेगा।
USB पोर्ट की डिज़ाइन भी ऐसी होती कि गलत सिरा कनेक्ट न हो जाये।
असेम्बली लाइन में कोई कम्पोनेन्ट मिस हो रहा हो तो असेंबली लाइन स्वतः रुक जाती है।
रेलवे फाटक पहले बन्द करते हैं फिर उस फाटक बंद करने वाली मशीन से चाभी निकाल कर तब सिग्नल डाउन कर पाते हैं। बिना फाटक बंद किये वो चाभी बाहर निकलती ही नही है।
बच्चों के खिलौनों में यह बहुधा प्रयोग होता जिन खिलौनों में अलग अलग पार्ट्स को जोड़ कर कुछ बनाना होता है।
फाउंड्री में डोवेल पिन भी यही काम करती है।
ऐसे तमाम उदाहरण है पोका योके के।
दिलचस्प जानकारी
जवाब देंहटाएंआपने पोका-योके (Poka-Yoke) की तकनीक को बहुत सरल और स्पष्ट तरीके से समझाया है। पढ़कर मुझे लगा कि छोटी‑छोटी डिज़ाइन की समझ कितनी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही हमें गलती से बचाती है। मुझे व्यक्तिगत रूप से मोबाइल और USB पोर्ट के उदाहरण सबसे relatable लगे क्योंकि रोज़मर्रा की जिंदगी में हम उन्हें इस्तेमाल करते हैं और कभी-कभी छोटी-छोटी गलती करने से बच जाते हैं।
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